अमेजन के सेलर्स को 8 अगस्त से देने होंगे अधिक शिपिंग चार्जेज, महंगे हो सकते हैं सामान


ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन इंडिया ने लोजिस्टिक सर्विस का उपयोग करने वाले अपने सेलर्स की शिपिंग कॉस्ट में संशोधन किया है, ये चार्ज अब दूरी और क्षेत्र के आधार पर लिया जाएगा.

ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन इंडिया ने लोजिस्टिक सर्विस का उपयोग करने वाले अपने सेलर्स की शिपिंग कॉस्ट में संशोधन किया है, ये चार्ज अब दूरी और क्षेत्र के आधार पर लिया जाएगा.

ऑनलाइन मार्केटप्लेस अमेजन इंडिया ने लॉजिस्टिक सर्विस का उपयोग करने वाले अपने सेलर्स की शिपिंग कॉस्ट में संशोधन किया है. ये चार्ज अब दूरी और क्षेत्र के आधार पर लिए जाएंगे. इससे सेलर्स की मुसीबतें बढ़ सकती हैं, जिसका असर सामान की कीमतोंं पर भी हो सकता है. सेलर्स को 15-16% तक ज्यादा वेट हैंडलिंग चार्ज देना होगा अमेजन की ग्रोथ पर नजर रखने वालों का मानना है कि इससे कुछ सेलर्स को फायदा होगा और कुछ को 15-16% तक ज्यादा वेट हैंडलिंग चार्जेज देने होंगे, ये सब कस्टमर के क्षेत्र के हिसाब से तय किया जाएगा. 60% से अधिक विक्रेता जुड़े हुए हैं इस स्कीम से यह दर अमेजन के विक्रेताओं पर लागू होती है, जो एफबीए प्रोग्राम के तहत इनवेंटरी को अमेजन द्वारा पूरी तरह से फंडेड सेंटर स्टोर पर उपलब्‍ध कराया जाता है. अमेजन के एफबीए प्रोग्राम से 60% से अधिक विक्रेता जुड़े हुए हैं. नई दरें 8 अगस्त से लागू हो जाएंगी. अमेजन वेट हैंडलिंग फीस में बदलाव कर रही है, जबकि अन्य फीस- जैसे पिक एंड पैक और स्टोरेज फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
एफबीए प्रोग्राम से विक्रेताओं की लगभग 35% तक कम सकती है लागत  अमेजन इंडिया के प्रवक्ता मुताबिक विक्रेता हमारी ‘गो लोकल’ सर्विस का यूज कर अतिरिक्त क्षेत्रों में एफबीए सेवाओं का लाभ उठाकर ग्राहकों के करीब अपने माल भेज सकते हैं, इससे विक्रेताओं की लगभग 35% तक की लागत कम होगी. अमेजन के एक सेलर ने बताया कि अमेजन का 35% अतिरिक्त बचत का दावा सच है, लेकिन इसका लाभ तभी मिल सकता है जब आपके सारे ऑर्डर्स एक ही रीजन के हों.









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