काम की बात: पैसों की जरूरत पड़ने पर PPF अकाउंट से पैसे निकालने का बना रहे हैं प्लान, तो पहले जानें इससे जुड़े नियम



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नई दिल्ली37 मिनट पहले

कोरोना क्राइसिस के कारण कई लोगों को पैसों से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोग जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) से पैसा निकालने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन ऐसा करने से पहले आपको PPF से मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने के नियम और इससे पर लगने वाले चार्ज के बारें में पता होना चाहिए। हम आपको PPF से प्री-मैच्योरिटी विड्रॉल के बारे में बता रहे हैं।

क्या मैच्योरिटी से पहले PPF अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं?
PPF अकाउंट खोलने वाले साल के बाद 5 साल तक इस खाते से पैसा नहीं निकाला जा सकता। ये अवधि पूरा होने के बाद फॉर्म 2 भरकर पैसा निकाला जा सकेगा। हालांकि 15 साल साल पहले पैसा निकालने पर आपके फंड से 1% की कटौती की जाएगी। यानी आप 5 साल बाद पैसे निकाल सकते हैं।

क्या PPF अकाउंट पर लोन लेने की सुविधा मिलती है?
PPF अकाउंट में जमा पर आप लोन भी ले सकते हैं। आपने जिस वित्त वर्ष में PPF अकाउंट खुलवाया है, उस वित्त वर्ष की समाप्ति के एक वित्त वर्ष बाद से लेकर पांचवें वित्त वर्ष की समाप्ति तक आप PPF से लोन लेने के हकदार हैं। अगर आपने जनवरी 2017 में PPF अकाउंट खुलवाया है तो आप 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2022 तक लोन ले सकते हैं। जमा पर अधिकतम 25% का लोन ले सकते हैं।

कितना देना होता है ब्याज?
PPF पर लोन लेने पर पहले लोन का मूलधन चुकाना होता है, उसके बाद ब्याज। मूलधन को दो या उससे ज्यादा इंस्टॉलमेंट या मंथली इंस्टॉलमेंट में चुकाया जा सकता है। लोन की मूलधन राशि का भुगतान जिस महीने में लोन लिया गया है, उससे 36 महीने में करना होता है। लोन के लिए प्रभावी ब्याज दर PPF पर मिल रहे ब्याज से केवल 1% ज्‍यादा रहती है। ब्याज को दो मंथली इंस्टॉलमेंट या एकमुश्त चुकाया जा सकता है। अगर आपने नियत समय के अंदर लोन का मूलधन चुका दिया है, लेकिन ब्याज का कुछ हिस्सा बाकी है तो वह आपके PPF अकाउंट से काटा जाता है।

समय पर लोन न चुकाने पर क्या होगा?
अगर 36 महीने में लोन का भुगतान नहीं किया गया है या सिर्फ आंशिक तौर पर उसका भुगतान हुआ है, तो बचे हुए लोन की राशि पर सालाना 6% की दर से ब्याज लगेगा। यह 6% ब्याज दर जिस महीने में लोन लिया है, उसके अगले महीने के पहले दिन से लेकर जिस महीने आखिरी किश्त का भुगतान होगा, उसके आखिरी दिन तक रहेगी। यानी पहले जो ब्याज दर 1% बन रही थी, वह लोन 36 माह के अंदर चुकता नहीं कर पाने पर लोन की शुरुआत से 6% बनेगी।

अगर अकाउंट धारक की मौत हो जाती है, तो उसका नॉमिनी या उत्तराधिकारी उसके लोन का ब्याज का भुगतान करेगा। PPF पर ब्याज दरें तिमाही आधार पर बदलती हैं, लेकिन लोन की दर लोन चुकता होने तक वही रहेगी जो लोन लेते वक्त तय हुई थी।

अगर आप PPF अकाउंट में लगातार निवेश नहीं कर पाते हैं तो क्या होगा?
PPF अकाउंट में आपको हर साल न्यूनतम 500 रुपए का निवेश करना होता है। वहीं एक वित्त वर्ष में इसमें अधिकतम निवेश 1.5 लाख रुपए का किया जा सकता है। अगर आप किसी वित्त वर्ष में 500 रुपए जमा करने से चूक जाते हैं तो आपका PPF अकाउंट निष्क्रिय (इनएक्टिव) कर दिया जाता है। यदि एक बार PPF अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है तो आप इसे 15 साल से पहले बंद नहीं कर सकते।
इनएक्टिव हुए अकाउंट पर लोन लेने की सुविधा नहीं मिलती है। ऐसे में अगर आप किसी वर्ष खाते में योगदान देने से चूक गए हैं तो इसे फिर शुरू करा लें, उसके बाद यह फिर से एक्टिव हो जाएगा। मैच्योरिटी की तारीख से पहले बंद पड़े PPF खाते को स्थायी रूप से बंद नहीं कराया जा सकता है।

PPF को फिर से शुरू कैसे कर सकते हैं?
यदि आपका PPF अकाउंट इनएक्टिव हो जाए तो इसे फिर शुरू करवाने के लिए आपको उस बैंक या पोस्ट ऑफिस में लिखित आवेदन देना पड़ेगा जहां ये खुला है। इसके बाद आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस को अपने अकाउंट को शुरू कराने के लिए एक एप्लीकेशन देनी होगी। इसके लिए आपको 500 रुपए के न्यूनतम सालाना योगदान के साथ 50 रुपए की पेनल्टी भी देनी होगी।

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