कोरोना से बढ़ी बीमा की मांग: अप्रैल में इंश्योरेंस कंपनियों के न्यू बिजनेस प्रीमियम में 45%  की ग्रोथ, 9739 करोड़ रुपए का प्रीमियम मिला


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्लीएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

कोरोना की दूसरी लहर के कारण अप्रैल में बीमा की मांग बढ़ी है। यही कारण है कि अप्रैल में इंश्योरेंस कंपनियों के न्यू बिजनेस प्रीमियम में 45% की ग्रोथ रही है। इरडा के डाटा के मुताबिक, पिछले महीने इंश्योरेंस कंपनियों का न्यू बिजनेस प्रीमियम 9,738.79 करोड़ रुपए रहा है। अप्रैल 2020 में सभी 24 बीमा कंपनियों का न्यू बिजनेस प्रीमियम 6,727.24 करोड़ रुपए रहा था।

एलआईसी का प्रीमियम 35.6% बढ़ा

इरडा के डाटा के मुताबिक, इस साल अप्रैल में सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी यानी एलआईसी के न्यू बिजनेस प्रीमियम में 35.6% की ग्रोथ रही है। इस अवधि में कंपनी का फर्स्ट ईयर प्रीमियम 4.856.76 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में एलआईसी का न्यू बिजनेस प्रीमियम 3,581.65 करोड़ रुपए रहा था। अन्य प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के न्यू बिजनेस प्रीमियम में संयुक्त रूप से 55% की ग्रोथ रही है। इन कंपनियों का न्यू बिजनेस प्रीमियम 4,882.04 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में प्राइवेट कंपनियों का संयुक्त प्रीमियम 3,146.09 करोड़ रुपए रहा था।

नए बीमा में एलआईसी की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

डाटा के मुताबिक, अप्रैल में 49.87% बाजार हिस्सेदारी के साथ एलआईसी टॉप पर रही है। वहीं, अन्य 23 प्राइवेट कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 50.13% रही है। अप्रैल में पॉलिसी या स्कीम की बिक्री में 140% का उछाल रहा है। अप्रैल में सभी 24 बीमा कंपनियों ने 9,96,933 पॉलिसीज की बिक्री की है। इसमें से 6,92,185 पॉलिसी की बिक्री केवल एलआईसी ने की है। अप्रैल में एलआईसी ने पॉलिसी बिक्री में 275% की ग्रोथ दर्ज की है। अन्य 23 बीमा कंपनियों ने अप्रैल में 3,04,748 पॉलिसी की बिक्री की है। इन कंपनियों की ग्रोथ 32% रही है।

जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का घाटा बढ़ा

इरडा की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020 में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का घाटा 6.27% बढ़ गया है। इस अवधि में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का कुल घाटा 23,720 करोड़ रुपए रहा है। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का घाटा वित्त वर्ष 2020 में 14.6% बढ़कर 651 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2019 में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का घाटा 568 करोड़ रुपए था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर की 21 जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में से 9 रेड जोन में पहुंच गई हैं, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की 4 कंपनियों को भी जबरदस्त घाटा हुआ है।

5 मई 2021 तक 11.39 लाख क्लेम आए

डाटा के मुताबिक, 5 मई 2021 तक जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के पास 11.39 लाख क्लेम आ चुके हैं। इन क्लेम की राशि 15,988 करोड़ रुपए है। इसमें से कंपनियों ने 9,144 करोड़ रुपए के 9.51 लाख क्लेम का सैटलमेंट कर दिया है। अभी 1.87 लाख क्लेम के 6,848 करोड़ रुपए पैंडिंग हैं। जनरल इंश्योरेंस कंपनियों ने 47,898 क्लेम को रिजेक्ट कर दिया है। आपको बता दें कि बीमा कंपनियों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 60 दिनों के अंदर क्लेम देना होता है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *