ट्रेंड में बदलाव: 2 दशक के निचले स्तर पर पहुंची भारत के क्रूड आयात में ओपेक की भागीदारी, 2021 में 3.97 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का इंपोर्ट


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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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  • भारत के कुल क्रूड आयात में ओपेक देशों की 72% हिस्सेदारी
  • अमेरिका और कनाडा से होने वाले आयात की हिस्सेदारी बढ़ी

भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में ओपेक देशों की हिस्सेदारी घटकर 2 दशक के निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसका कारण एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का 6 साल के निचले स्तर पर पहुंचना है। इंडस्ट्री और ट्रेड से जुड़े सूत्रों के डाटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में भारत का कुल क्रूड आयात 3.97 बैरल प्रतिदिन रहा है। डाटा के मुताबिक, एक साल पहले के मुकाबले इसमें 11.8% की गिरावट रही है।

अमेरिका और कनाडा से ज्यादा इंपोर्ट

पिछले वित्त वर्ष में भारत ने अफ्रीका और मिडिल ईस्ट देशों के बजाए अमेरिका और कनाडा से ज्यादा क्रूड ऑयल इंपोर्ट किया है। डाटा के मुताबिक, भारत ने पिछले साल ओपेक देशों से 2.86 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड का आयात किया है। इन देशों से आयात होने वाले क्रूड की हिस्सेदारी घटकर 72% पर आ गई है। वित्त वर्ष 2001-02 के बाद क्रूड इंपोर्ट में ओपेक देशों की यह सबसे कम हिस्सेदारी है। इससे पहले का डाटा उपलब्ध नहीं है।

मार्जिन बढ़ाने के लिए विविधता ला रही हैं कंपनियां

देश की रिफाइनरी मार्जिन बढ़ाने के लिए क्रूड खरीदारी में विविधता ला रही हैं। इसके अलावा सख्त ग्रेड वाले क्रूड की सस्ती रिफाइनिंग के लिए प्लांट्स को अपग्रेड किया है। लेकिन कोविड महामारी के कारण तेल की खपत प्रभावित हुई है। इससे रिफाइनरी का संचालन भी प्रभावित हुआ है। सरकारी डाटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में देश की वार्षिक तेल खपत बीते 23 सालों में पहली बार गिरी है। है। इस साल तेल खपत 2016-17 के स्तर से भी नीचे पहुंच गई है।

मिडिल ईस्ट उत्पादों की हिस्सेदारी मामूली बढ़ी

डाटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में मिडिल ईस्ट के क्रूड उत्पादकों की हिस्सेदारी 62% रही है। जबकि इससे पहले के साल में इन देशों की हिस्सेदारी 60% थी। समझौतों के तहत खरीदारी के कारण पिछले साल मिडिल ईस्ट देशों से खरीदारी में मामूली बढ़त रही है। पिछले साल अमेरिका और कनाडा से कुल क्रूड का क्रमश: 7% और 1.3% क्रूड खरीदा गया। एक साल पहले इन दोनों देशों की हिस्सेदारी क्रमश: 4.5% और 0.60% थी।

अमेरिका पांचवां सबसे बड़ा सप्लायर बना

अमेरिका भारत को क्रूड ऑयल देने वाला पांचवां सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले अमेरिका ने दो स्थानों की छलांग लगाई है। ईराक अभी भी सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है। इसके बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का नंबर आता है। वेनेजुएला को पछाड़कर नाइजीरिया चौथा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।

मार्च में ज्यादा क्रूड का आयात

भारत ने मार्च में 4.39 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड का आयात किया है। डाटा के मुताबिक, फरवरी के मुकाबले मार्च में भारत ने 12% ज्यादा क्रूड का आयात किया है। हालांकि, मार्च 2020 के मुकाबले क्रूड आयात में 0.5% की गिरावट रही है। मार्च 2021 में ईराक सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर रहा है।

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