स्वेज में जाम खुला, क्रू को लेकर चिंता: एवर गिवन के भारतीय क्रू मेंबर्स बनाए जा सकते हैं ‘बलि का बकरा’, नजरबंदी के बाद चलाया जा सकता है आपराधिक मुकदमा


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11 घंटे पहले

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  • चालक दल में शामिल 25 भारतीय सदस्यों को मामले की जांच पूरी होने तक नजरबंद रखा जा सकता है
  • कैप्टन और चालक दल के कुछ सदस्यों को किसी भी जहाज पर तैनात होने से हमेशा के लिए रोका जा सकता है

स्वेज नहर में फंसा कंटेनर शिप ‘एवर गिवन’ निकल गया है लेकिन उसके चालक दल के सदस्यों को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वेज नहर प्राधिकरण उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा। सरकार और जहाजी संगठनों को चालक दल में शामिल 25 भारतीय सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलने की फिक्र सता रही है।

चालक दल को बलि का बकरा बनाया जा सकता है

चालक दल को किस कानूनी प्रक्रिया का समाना करना पड़ेगा, इस बारे में कंटेनर शिप के मैनेजमेंट ने कुछ नहीं कहा है। शिपिंग इंडस्ट्री के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने आशंका जताई कि चालक दल को इस दुर्घटना का जिम्मेदार ठहरा कर उन्हें बलि का बकरा बनाया जा सकता है।

जांच तक चालक दल को नजरबंद रखा जा सकता है

शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना के कारणों की जांच पूरी होने तक चालक दल को नजरबंद रखा जा सकता है। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक कैप्टन और चालक दल के कुछ सदस्यों को किसी भी जहाज पर तैनात होने से हमेशा के लिए रोका जा सकता है।

जहाज के डेटा रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत बताएगी वजह

मामले की जांच किस तरह हो सकती है, इस बाबत नेशनल शिपिंग बोर्ड (NSB) के मेंबर कैप्टन संजय पराशर कहते हैं, ‘जांचकर्ताओं को सबसे पहले पता लगाना होगा कि भारी भरकम कंटेनर शिप फंसा कैसे था। दुर्घटना की असली वजह क्या थी, इसका पता जहाज के डेटा रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत सुनने और उसकी जांच करने से चलेगा।’

चालक दल जहाज पर है, सुरक्षित और स्वस्थ है
जहाज के टेक्निकल मैनेजमेंट का काम देखने वाली जर्मन कंपनी ने मीडिया को जारी बयान में कहा है, ’25 भारतीय सदस्यों वाला चालक दल जहाज पर है। सभी सदस्य सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने जहाज को फिर से पानी में उतारने में जुटे लोगों की काफी मदद की है।’

सभी जहाजों को निकालने में 10 दिन लग सकते हैं

स्वेज नहर प्राधिकरण के हेड लेफ्टिनेंट जनरल ओसामा रबेई ने कहा कि नहर में स्थानीय समय के मुताबिक शाम छह बजे आवाजाही शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि सबसे पहले पशुओं से लदे जहाजों को निकाला गया। रबेई ने कहा कि एवर गिवन के फंसने से जहां-तहां रुके 420 में से 113 जहाज मंगलवार सुबह तक निकाले जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि सभी जहाजों को निकालने में 10 दिन लग सकते हैं।

रोज अरबों डॉलर का लॉस हो रहा था

एवर गिवन दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर शिप में एक है। पनामा में रजिस्टर्ड यह जहाज एशिया और यूरोप के बीच चलता है। इस शिप के स्वेज में फंसने से रोज अरबों डॉलर का लॉस हो रहा था। 23 मार्च से रेतीले तट पर फंसे ‘एवर गिवन’ को निकालने के लिए कई ‘टगबोट’ का इस्तेमाल किया गया।

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