70 हजार रुपये में बेच रहे थे रेमडिसिवर इंजेक्शन, दक्षिणी दिल्ली पुलिस ने 2 को किया गिरफ्तार


नई दिल्ली: पुलिस की छापामारी कोविड-19 के इलाज में काम आनेवाली दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन के धंधेबाजों पर जारी है. लेकिन बदमाश कानून को ठेंगा दिखाते हुए कालाबाजारी का सिलसिला जारी रखे हुए हैं. रेमडेसिविर की कालाबाजारी के आरोप में पुलिस अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. रविवार को एक बार फिर साउथ दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना पुलिस ने एक और गैंग को धर दबोचा है.

छापामारी में गैंग का पर्दाफाश, 2 सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने गैंग के सदस्यों के पास पास से 3 रेमडेसीवीर इंजेक्शन बरामद किए हैं. हैरान करने वाली बात ये है कि गैंग के सदस्य रेमडेसिविर इंजेक्शन को 70 हजार रुपये में बेच रहे थे. आरोपियों के नाम विभूति और मनोज है. इससे दो दिन पहले भी  क्राइम ब्रांच ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच रहे एक गैंग का पर्दाफाश कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया था. आपको बता दे कि रेमेडेसिविर इंजेक्शन की बाजार में काफी कमी है. ये इंजेक्शन आसानी से नहीं मिल रहा है. इस वजह से कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं. ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस की कई टीमें काम कर रही है.

दरअसल फतेहपुर बेरी थाना पुलिस को किसी ने सूचना दी कि घिटोरनी मेट्रो स्टेशन के पास एक शख्स रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के लिए आने वाला है. पुलिस के पास इस बात की भी जानकारी थी कि शख्स बड़ी महंगे दामों पर इंजेक्शन को बेच रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस ने घिटोरनी मेट्रो स्टेशन के पास जाल बिछाया और जैसे ही शख्स इंजेक्शन लेकर पहुंचा, पुलिस ने उसे धर दबोचा. पकड़े गए शख्स का नाम विभूति है. पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 2 इंजेक्शन बरामद हुए.

रेमडेसिविर के धंधेबाजों को नहीं कानून का खौफ

पूछताछ में उसने बताया कि वह इंजेक्शन को 70000 रुपये में जरूरतमंद लोगों को बेचने वाला था. इतना ही नहीं विभूति ने पूछताछ में मनोज कुमार नाम के शख्स से रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने की बात स्वीकार की. विभूति की निशानदेही पर पुलिसने दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में छापा मारकर मनोज कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को उसके पास से भी एक इंजेक्शन बरामद हुआ. पुलिस अब दोनों कालाबाजारी करनेवालों से पूछताछ कर रही है. साथ ही ये भी पता करने में जुटी है कि मनोज इंजेक्शन की कालाबाजारी कितने लोगों तक कर चुका है. फिलहाल, कोविड-19 संकट के समय भी आपदा को अवसर में बदलने का खेल जारी है.

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